शादी के बाद क्यों बदल जाता है महिलाओं का शरीर, ये हैं 5 कारण

शादी के बाद अक्सर देखते हैं की महिलाओं का वजन अचानक से बढ़ जाता है। ऐसे में हर कोई अपने हिसाब से मोटापे की कहानी सुनाता है। किसी को अपनी ससुराल का पानी नहीं भाता तो किसी को अपनी बिमारी का असर नजर आता है। ऐसे में कई बार लोग नहीं समझ पाते कि ये कोई शारीरिक प्रक्रिया है या फिर उनकी ही लापरवाही का नतीजा। तो आज हम आपको बताने जा रहे है वो प्रमुख 5 कारण जिनकी वजह से महिलाएं शादी के बाद मोटी हो जाती हैं।

हार्मोनल बदलाव

यूँ तो एक महिला के जीवन काल में हर उम्र एक सीढ़ी की तरह होती है। जिसमे उसके शरीर में कई तरह के बदलाव आते है। लेकिन सबसे ज्यादा बदलाव महिला के जीवन काल में उसकी शादी के बाद आते हैं। शादी के बाद शारीरिक सम्बन्ध बनाने से और बदली हुई जीवन शैली के कारण महलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं। ये बदलाव अक्सर वजन बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होते हैं।
 

तनाव बढ़ना और उच्च आहार ना लेना

शादी के बाद कई महिलाओं के लिए नए माहोल में ढलना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में नींद पूरी ना हो पाने की वजह से उनमे तनाव बढ़ता है और सही आहार लेने की जगह कुछ भी उल्टा सीधा खाने के वजह से भी उनका वजन बढ़ने लगता है। इसके साथ ही तनाव और भी कई समस्याओं का कारण बनता है जैसे की हाई ब्लड प्रेशर, थाइरोइड आदि।


 

आलसीपन

शादी के बाद पति पत्नी परिवार के साथ न रहते हुए अगर अकेले रहते है तो अक्सर उन महिलाओं का वजन उनकी लापरवाही और आलसीपन के वजह से बढ़ जाता है। ऐसी महिलाएं की ख़राब जीवन शैली और उनकी आदतों के वजह से वजन बढ़ना एक प्रमुख कारण है। ऐसे समय पर महिला को चाहिए की वे हर काम सही समय पर करें और प्रतिदिन कुछ समय योग करें।
 

गर्भावस्था के बाद

गर्भवती होना एक बहुत ही अनमोल अहसास है जिसे की हर महिला महसूस करना चाहती है। लेकिन बता दें की गर्भवती होने के साथ ही महिलाओं की शारीरिक प्रक्रिया बदल जाती है और उनके शरीर में भी कई परिवर्तन आते हैं। इन परिवर्तनों का हर महिला पर अलग अलग असर होता है। अक्सर इन परिवर्तन के कारण महिलाओं के वजन का बढ़ना भी स्वाभाविक होता है।
 

उम्र का असर

उम्र के साथ साथ हर इंसान में तरह तरह के बदलाव होते है। एक शोध के अनुसार शादी के बाद बढ़ती उम्र के साथ ही महिलाओं का मेटाबोलिज्म रेट भी कम होने लगता है। बता दें की हाई मेटाबोलिज्म रेट ही शरीर की चर्वी को कम रखता है। मेटाबोलिज्म कम हो जाने की वजह से फैट बर्निंग प्रोसेस भी धीमा हो जाता है और शरीर में वजन बढ़ जाता है।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *