राजपूत परिवार ने दलित दूल्हे को शादी मे दी अपनी घोड़ी, पेश की समाजिक सौहार्द की मिशाल

भावनगर. जिले की गारियाधार तहसील के वेलावदर गांव में गारियाधार के दलित युवक की बारात निकालने के लिए चिन्तित दूल्हे के पिता को गांव के काठी क्षत्रिय राजपूत समाज के व्यक्ति ने मदद करते हुए अपनी घोड़ी उपलब्ध करवाई। इतना ही नहीं, बारात के दौरान सुरक्षा भी मुहैया करवाई।

सूत्रों के अनुसार एक ओर गुजरात में दो – तीन स्थानों पर दलित समाज के दूल्हों की बारात निकालने से रोकने की घटनाएं हो रही हैं। दूसरी ओर,वेलावदर गांव में काठी क्षत्रिय राजपूत समाज के व्यक्ति ने मदद के लिए आगे बढ़कर दलित दूल्हे की बारात के लिए अपनी घोड़ी उपलब्ध करवाई।

दरअसल, गारियाधार निवासी जिग्नेश डी. वणजारा की बारात लेकर वेलावदर पहुंचे दिनेश अंजारिया ने फोन पर दिगराजसिंह गोहिल से बातचीत की। उन्होंने कहा कि वे गारियाधार से बारात लेकर वेलावदर पहुंच रहे हैं। वेलावदर गांव में राजपूतों के 150, पटेलों के 200 व दलितों के मात्र 10 घर हैं।

दिनेश के अनुसार गांव में राजपूतों को विवाह की जानकारी देने पर आगे बढ़कर अपनी घोड़ी उपलब्ध करवाई और विवाह समारोह में भी साथ रहे। डी.जे. की धुन पर नाचते-गाते बारात निकाली गई। गांव में पूर्व में भी दलित दूल्हों की बारात निकली जा चुकी है। सूत्रों के अनुसार दिगराजसिंह ने फेसबुक पर लोगों से अपील की है कि किसी की बारात रोककर हेरान ना किया जाए।

एक ब्राहम्ण होने के नाते मे समाज के सभी वर्गो से कहना चाहता हुं कि हम सब हिंदु है और जितना हक हमे घोडी पर चढने का है उतना हमारे दलित समाज के लोगो का भी है तो प्लीज उनके साथ ऐसा ना करे और अगर कोई ऐसा करे तो उसे रोके, दलित समाज के साथ हम सब कंधे से कंधा मिलाकर खडे है

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